हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन खत्तात ने सूरह इन्फाल (आयत 45) का हवाला देते हुए कहा कि अल्लाह का फरमान है:ऐ ईमान वालो! जब किसी दुश्मन गिरोह से टकराव तो अल्लाह को बहुत याद करो, उम्मीद है कि तुम सफल हो जाओगे।उनके अनुसार, दुश्मन का सामना करने में दो चीज़ें काम आती हैं "दृढ़ता" और "अल्लाह की निरंतर याद"।
हुज्जतुल इस्लाम अब्दुल अमीर खत्तात आज सुबह 'आतशगाह' इलाके में अमेरिका-इज़राइल के हमलों से प्रभावित लोगों और जेहादियों के बीच थे। उन्होंने कहा कि अल्लाह का वादा है अगर तुम अल्लाह की मदद करोगे तो वह तुम्हारी मदद करेगा और तुम्हें मज़बूती से जमाए रखेगा।(सूरह मुहम्मद, आयत 7)
उन्होंने कहा कि इन दो महीनों में हमारी क़ौम ने अपनी समझदारी, सतर्कता और दृढ़ता का परिचय अच्छे तरीक़े से दिया है।
ईश्वरीय मुआवजा,जहाँ कई परिवारों को मानसिक और आर्थिक नुकसान पहुँचा है, वहाँ अल्लाह ताला उनकी मुश्किलों को दूर करेगा और इस इलाके में सुकून और बरकत देगा।
सफलता के लिए दृढ़ता ज़रूरी,उन्होंने कहा कि दैवीय लक्ष्यों और इमाम ज़माना (अ.फ.) के प्रकट होने के रास्ते में क़ुर्बानी देना पड़ती है। दृढ़ता और अल्लाह की याद दो मूल स्तंभ हैं।
हुज्जतुल इस्लाम खत्तात ने आगे कहा कि आज झूठी महाशक्तियाँ जो इब्राहिमी ताकत होने का दावा करती थीं, अपमानित हो चुकी हैं और युद्धविराम की माँग कर रही हैं। इसलिए अल्लाह की बेपनाह ताक़त पर भरोसा रखते हुए अंतिम विजय कोई दूर की बात नहीं है।
अंत में उन्होंने 'शहीद इमाम ख़ामेनेई' समन्वय समिति के प्रमुख के रूप में उन जेहादियों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के अपना सुख त्याग कर तबाही मिटाने और लोगों की मदद की। उन्होंने कहा कि 'आतशगाह' मोहल्ले का इतिहास बहुत शानदार रहा है यह जिहाद, प्रतिरोध और शहीदों का गढ़ रहा है। आज भी यहाँ के लोग उसी जज़्बे से दुश्मन के मुकाबले में खड़े हैं।
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